तेहरान: मध्य-पूर्व में युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक दरार और गहरी हो गई है। मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में ईरान की वाशिंगटन के साथ अगले दौर की बातचीत की कोई योजना नहीं है। बघाई ने अमेरिका पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ अमेरिका शांति की बात करता है, तो दूसरी तरफ ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी कर युद्धविराम का खुला उल्लंघन कर रहा है।
'टौस्का' जहाज पर हमला और सैन्य चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच ताजा विवाद का मुख्य केंद्र ओमान सागर में एक ईरानी कमर्शियल टैंकर 'टौस्का' (TOUSKA) पर हुआ हमला है। ईरान के 'खातम अल-अंबिया' सैन्य मुख्यालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'समुद्री डकैती' करार दिया है।
- हमले का विवरण: ईरानी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी मरीन कोर के जवानों ने जहाज पर धावा बोला और उसके नेविगेशन सिस्टम को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
- जवाबी कार्रवाई: ईरान ने चेतावनी दी है कि उसकी सेना इस 'सशस्त्र आक्रामकता' का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है।
परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर 'नो कॉम्प्रोमाइज'
इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर के कारण ईरानी जनता में अविश्वास बढ़ा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद, तेहरान का मानना है कि जब तक अमेरिका अपनी 'पुरानी गलतियां' और प्रतिबंधात्मक नीतियां नहीं सुधारता, तब तक बातचीत की मेज पर लौटने का कोई ठोस आधार नहीं है। फिलहाल, क्षेत्र में एक बड़े सैन्य संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि बुधवार को आधिकारिक युद्धविराम समाप्त हो रहा है।