मुंबई में आयोजित ‘डेविड धवन फ़िल्म फ़ेस्टिवल’ सिर्फ़ एक सेलिब्रेशन इवेंट नहीं रहा, बल्कि यह बॉलीवुड की सफलताओं, असफलताओं और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर खुलकर हुई चर्चा का बड़ा मंच बन गया। डेविड धवन के 40 साल लंबे फिल्मी सफर को सम्मान देने के लिए आयोजित इस खास कार्यक्रम में कई फिल्मी सितारे मौजूद रहे। फेस्टिवल के दौरान डेविड धवन को “कॉमेडी का बादशाह” कहकर सम्मानित किया गया और उनकी आखिरी फिल्म है जवानी तो इश्क़ होना है को लेकर भी खास बातचीत हुई।
इवेंट के दौरान डेविड धवन ने अपने बेटे वरुण धवन के साथ मंच शेयर किया और फिल्म इंडस्ट्री के कई अनसुने किस्से सुनाए। बातचीत के दौरान उन्होंने बॉलीवुड की चर्चित फिल्म Kalank का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट था, जिसमें निर्माता-निर्देशक करण जोहर ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। डेविड धवन ने कहा कि करण ने इस फिल्म को बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और उन्हें इस प्रोजेक्ट से बहुत उम्मीदें थीं।
धवन ने यह भी बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने संजय दत्त से पूछा था कि उन्होंने यह फिल्म क्यों चुनी, क्योंकि इसमें माधुरी दीक्षित थी इसीलिए। डेविड धवन के मुताबिक, संजय दत्त इस फिल्म का हिस्सा बन कर खुश नहीं थे। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है।
‘कलंक’ अपने समय की सबसे बड़े बजट वाली फिल्मों में गिनी जाती थी। फिल्म में आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर, सोनाक्षी सिन्हा, माधुरी दीक्षित और संजय दत्त जैसे कई बड़े सितारे नजर आए थे। शानदार सेट्स, भव्य विजुअल्स और बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।
फिल्म इंडस्ट्री के बदलते समीकरणों पर बात करते हुए डेविड धवन ने कहा कि बॉलीवुड पूरी तरह “औसत के नियम” पर चलता है। उनके मुताबिक, हर दौर में कुछ फिल्में सुपरहिट होती हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट्स असफल भी हो जाते हैं। उन्होंने माना कि आज के समय में सिर्फ बड़ा बजट और स्टारकास्ट सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि दर्शकों से जुड़ने वाली कहानी सबसे ज्यादा मायने रखती है।
बातचीत के दौरान डेविड धवन ने वरुण धवन के शुरुआती करियर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब वरुण की पहली फिल्म रिलीज हुई थी, तब वह खुद थिएटर में फिल्म देखने गए थे। फिल्म का क्लाइमेक्स देखने के बाद उन्होंने वरुण से कहा था कि वह लंबी रेस के खिलाड़ी साबित होंगे। उन्होंने यह भी शेयर किया कि बाद में अमिताभ बच्चन ने भी वरुण की तारीफ करते हुए उन्हें “लंबी रेस का घोड़ा” बताया था।
हालांकि इस बातचीत में कई विवादित और चर्चित मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन पूरे फेस्टिवल का माहौल जश्न और सम्मान से भरा रहा। यह आयोजन डेविड धवन के शानदार फिल्मी करियर को समर्पित था, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार कॉमेडी फिल्में दी हैं। उनकी आखिरी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क़ होना है’ में वरुण धवन के साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी।
डेविड धवन के इस बेबाक अंदाज ने एक बार फिर बॉलीवुड में बड़े बजट की फिल्मों और बॉक्स ऑफिस के दबाव पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर उनके बयान तेजी से वायरल हो रहे हैं और फिल्म इंडस्ट्री में इस चर्चा ने नया मोड़ ले लिया है।
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