पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुख देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने 0.50% से अधिक की बढ़त दर्ज की, लेकिन यह तेजी सभी के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुई। बाजार की टॉप 10 कंपनियों में से चार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, जिससे उनके कुल मार्केट कैप (Mcap) में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई।
एसबीआई और भारती एयरटेल को सबसे बड़ी चपत
बाजार के दिग्गजों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ा। बैंक की मार्केट वैल्यू 44,722.34 करोड़ रुपये घटकर अब 9,41,107.62 करोड़ रुपये पर आ गई है। इसी तरह, टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल के मार्केट कैप में 31,167.1 करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे इसकी कुल वैल्यू 11,18,055.03 करोड़ रुपये रह गई। इन दोनों के अलावा TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।
किन कंपनियों ने मारी बाजी?
एक तरफ जहां कुछ कंपनियों के निवेशक चिंतित थे, वहीं दूसरी तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, और ICICI बैंक जैसे शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। रिलायंस के मार्केट कैप में 6,563.28 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। साथ ही, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और LIC ने भी इस दौरान अच्छी बढ़त हासिल की। इन सभी लाभ कमाने वाली कंपनियों ने मिलकर कुल 46,685.21 करोड़ रुपये जोड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सावधानी बरत रहे हैं, जिसके चलते बड़े शेयरों में मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल रही है